रूपध्यान: जानें मेडिटेशन का सबसे असरदार तरीका (जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज )


 

मेडिटेशन के इन सभी तरीकों का लक्ष्य एक ही है कि किस प्रकार मन-बुद्धि को एकाग्र किया जाये। कुछ लोग ध्यान के माध्यम से मन के विचार रोकने का भी प्रयास करते हैं पर इसका सफल होना बहुत कठिन है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप साइकिल चला रहे हैं, और आप चाहें कि पैडल चलाये बिना ही साइकिल का संतुलन बना रहे तो यह साधारणतया असंभव ही कहा जायेगा। पर अगर आप उसी चलती साइकिल को हाथ से दिशा दे दें, तो आप चाहे उसे दाएँ मोड़ दें या बाएँ। इसी प्रकार मन के विचार पूरी तरह रोक देना इतना कठिन है कि उसे असंभव ही कहा जा सकता है। इसके बजाय यदि हम अपने मन की दिशा भगवान या अन्य सकारात्मक चीज़ों की तरफ मोड़ दें, तो मन तनाव से छुटकारा पाकर शांति और आनंद का अनुभव तो करेगा ही, साथ ही हमारा आध्यात्मिक लाभ भी हो जायेगा। आगे पढ़े

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